
MTProto एन्क्रिप्शन
Telegram अपने विशेष MTProto 2.0 प्रोटोकॉल से क्लाइंट-सर्वर एन्क्रिप्शन प्रदान करता है। सामान्य क्लाउड चैट सर्वर तक एन्क्रिप्टेड यात्रा करती हैं और वहाँ भी एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहीत रहती हैं।
सुरक्षा केंद्र
एन्क्रिप्शन, गुप्त चैट, दो-चरणीय सत्यापन, फ़ोन नंबर गोपनीयता, सक्रिय सत्र प्रबंधन — यहाँ हिंदी में विस्तार से समझिए और अपने खाते को कुछ ही मिनटों में सुरक्षित बनाइए।

Telegram की सुरक्षा चार प्रमुख स्तंभों पर टिकी है — इन्हें समझने से आप ऐप का सही और सुरक्षित उपयोग कर सकेंगे।

Telegram अपने विशेष MTProto 2.0 प्रोटोकॉल से क्लाइंट-सर्वर एन्क्रिप्शन प्रदान करता है। सामान्य क्लाउड चैट सर्वर तक एन्क्रिप्टेड यात्रा करती हैं और वहाँ भी एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहीत रहती हैं।

'Secret Chat' विकल्प के साथ आपकी बातचीत केवल भेजने वाले और पाने वाले के डिवाइस पर डिक्रिप्ट होती है। Telegram सर्वर भी इसे नहीं पढ़ सकता।

सामान्य OTP के अलावा एक अतिरिक्त पासवर्ड जोड़ें। अब कोई आपके नंबर पर SIM स्वैप करके भी आपके खाते तक नहीं पहुँच सकता।

अंतिम बार देखा, फ़ोन नंबर, प्रोफ़ाइल फ़ोटो, फ़ॉरवर्ड — सब कुछ 'सभी / मेरे संपर्क / कोई नहीं' में विभाजित करें। अपवाद सूची जोड़कर विशिष्ट लोगों को अलग नियम दें।
6-चरणीय सुरक्षा चेकलिस्ट
नीचे दिए गए 6 चरण पूरे करके आप Telegram की लगभग सभी महत्वपूर्ण सुरक्षा परतें सक्रिय कर देंगे।

सेटिंग → गोपनीयता और सुरक्षा → 2FA → पासवर्ड और रिकवरी ईमेल सेट करें।
सेटिंग → गोपनीयता → Passcode Lock → 4-अंकों का PIN या Face ID/फ़िंगरप्रिंट।
सेटिंग → डिवाइस → 'Active Sessions' — अज्ञात डिवाइस मिलते ही तुरंत टर्मिनेट करें।
गोपनीयता → 'Delete My Account If Away For' → 3 महीने से 1 वर्ष तक चुनें।
गोपनीयता → Phone Number → 'Nobody' और 'Who can find me by number' → 'My Contacts'।
अज्ञात संदेश में मिले किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले URL जाँचें और आधिकारिक Telegram लोगिन कभी भी लिंक द्वारा न करें।

सुरक्षा एक बार का सेटिंग नहीं, एक आदत है। नीचे दी गई छह छोटी आदतें आपके Telegram अनुभव को कहीं अधिक सुरक्षित बनाती हैं।